इंजीनियर राकेश रावत
अध्यक्ष - कर्मचारी यूनियन कानपुर विकास प्राधिकरण
राष्ट्रीय युवा अभिमान सभा भारत लगातार युवाओं के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी अभिव्यक्ति को स्वतंत्र रूप मे जन मानस के सामने प्रस्तुत करती है। और युवाओं के लिए अनवरत संघर्षरत है। आप सभी से निवेदन है कि आप भी अपनी सहभागिता को संगठन के साथ जुड़कर जरूर निभाएं।
दीपू गुप्ता
व्यापारी/समाजसेवी
युवा केवल उम्र का नाम नहीं, बल्कि ऊर्जा और संकल्प की पहचान है। जो युवा अपने समय और सामर्थ्य को पहचान लेता है, वही इतिहास बदलता है। आज की मेहनत ही कल की सफलता की नींव रखती है। अपने लक्ष्य को स्पष्ट करो और हर दिन उसके लिए एक कदम बढ़ाओ। दूसरों की सफलता से ईर्ष्या नहीं, प्रेरणा लेना सीखो। मुश्किलें आएँ तो रुकना नहीं, बल्कि उनसे लड़ना सीखो। क्योंकि जागरूक युवा ही मजबूत समाज और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करता है।
विवेक सचान
समाजसेवी
युवा जीवन का सबसे अनमोल धन समय है, इसे व्यर्थ मत जाने दो। जो घंटे आज मोबाइल और बेकार की चर्चाओं में बीत रहे हैं, वही भविष्य बना सकते हैं। समय किसी के लिए रुकता नहीं और बीता हुआ समय वापस नहीं आता। अपने दिन की योजना बनाओ और उसे अनुशासन के साथ पूरा करो। हर दिन कुछ नया सीखने की आदत डालो। छोटे-छोटे प्रयास ही एक दिन बड़ी उपलब्धियों में बदलते हैं। समय का सम्मान करने वाला युवा अपने जीवन का सम्मान करता है।
संदीप ठाकुर
समाजसेवी
जीवन में लक्ष्य नहीं होगा तो प्रतिभा भी दिशाहीन हो जाएगी। अपने सपनों को इतना बड़ा बनाओ कि तुम्हारी मेहनत छोटी लगने लगे। लक्ष्य तय करो, योजना बनाओ और लगातार उस दिशा में आगे बढ़ो। रास्ते में असफलता मिले तो उसे अंत नहीं, सीख समझो। दुनिया क्या कहती है, उससे अधिक महत्वपूर्ण है कि तुम्हारा विवेक क्या कहता है। हर सुबह अपने लक्ष्य को याद करो और हर रात अपने प्रयासों का मूल्यांकन करो। जिस युवा के पास स्पष्ट लक्ष्य होता है, उसके कदमों में भटकाव कम होता है।
नीरज तिवारी
संपादक/समाजसेवी
शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं, बल्कि सही और गलत को समझने की शक्ति है। पढ़ो ताकि तुम्हारी सोच मजबूत हो और निर्णय लेने की क्षमता बढ़े। किताबों के साथ जीवन के अनुभवों से भी सीखते रहो। ज्ञान को केवल परीक्षा तक सीमित मत रखो, उसे अपने व्यवहार में उतारो। तकनीक सीखो, नई भाषा सीखो और बदलती दुनिया के साथ खुद को विकसित करो। अच्छी शिक्षा व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को आगे बढ़ाती है। ज्ञानवान और चरित्रवान युवा ही सशक्त समाज की वास्तविक पूंजी है।
पंकज पुरवार
व्यापारी / समाजसेवी
नशा कुछ पल का भ्रम दे सकता है, लेकिन भविष्य से वर्षों की खुशियाँ छीन सकता है। युवा अपनी ऊर्जा को नशे में नहीं, निर्माण में लगाए। शरीर को स्वस्थ रखो, मन को मजबूत रखो और विचारों को सकारात्मक बनाओ। अगर कोई बुरी आदत जीवन में प्रवेश कर चुकी है तो उससे बाहर निकलने का निर्णय आज ही लो। खेल, योग, पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों को जीवन का हिस्सा बनाओ। सच्ची आजादी वही है जिसमें इंसान अपनी आदतों का गुलाम न बने। नशा मुक्त युवा ही अपने परिवार और समाज के लिए मजबूत आधार बन सकता है।
संदीप अवस्थी
समाजसेवी
असफलता यह नहीं बताती कि तुम कमजोर हो, वह बताती है कि अभी कुछ और सीखना बाकी है। जो गिरकर उठना सीख जाता है, उसे रास्ते की ठोकरें रोक नहीं सकतीं। एक परीक्षा में कम अंक या एक प्रयास में मिली हार जीवन का अंतिम परिणाम नहीं है। गलतियों को छिपाने के बजाय उनसे सीखने का साहस रखो। हर असफलता के बाद अपनी रणनीति को बेहतर बनाओ। दुनिया की बड़ी उपलब्धियों के पीछे अनगिनत असफल प्रयास छिपे होते हैं। इसलिए हार से मत घबराओ, प्रयास छोड़ने से जरूर घबराओ।
रमेश शर्मा
वरिष्ठ समाजसेवी
युवा की पहचान उसके कपड़ों, दिखावे या सोशल मीडिया की लोकप्रियता से नहीं होती। उसकी असली पहचान उसके चरित्र, व्यवहार और सिद्धांतों से होती है। ऐसा जीवन जियो कि तुम्हारी अनुपस्थिति में भी लोग तुम्हारे संस्कारों की चर्चा करें। ईमानदारी को कमजोरी नहीं, अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाओ। किसी कमजोर व्यक्ति का मजाक उड़ाने के बजाय उसका सहारा बनो। सफलता मिलने पर विनम्र रहो और असफलता में धैर्य रखो। क्योंकि धन और पद छिन सकते हैं, लेकिन अच्छा चरित्र जीवनभर साथ रहता है।
संजीव शुक्ला
व्यापारी/ समाजसेवी
तकनीक का उपयोग करो, लेकिन तकनीक को अपने जीवन पर हावी मत होने दो। सोशल मीडिया पर बिताया हर घंटा तुम्हारे जीवन का एक हिस्सा है। मोबाइल से ज्ञान लो, कौशल सीखो और अवसर खोजो। लेकिन अपनी पढ़ाई, नींद, स्वास्थ्य और रिश्तों की कीमत पर स्क्रीन पर मत टिके रहो। हर दिन कुछ समय मोबाइल से दूर रहकर स्वयं के साथ बिताओ। अपनी तुलना दूसरों की ऑनलाइन जिंदगी से करना बंद करो। याद रखो, वास्तविक जीवन की सफलता लाइक्स से नहीं, उपलब्धियों से मापी जाती है।
सर्वेश अग्निहोत्री
समाजसेवी
प्रतिभा तुम्हें शुरुआत दिला सकती है, लेकिन निरंतर मेहनत ही तुम्हें आगे ले जाती है। सफल लोग केवल अवसर का इंतजार नहीं करते, वे अवसर पैदा करने की कोशिश करते हैं। हर दिन अपने कौशल को थोड़ा बेहतर बनाओ। काम छोटा हो या बड़ा, उसे पूरी ईमानदारी और लगन से करो। मेहनत का परिणाम तुरंत न मिले तो भी प्रयास जारी रखो। बीज बोने के बाद पेड़ बनने में समय लगता है। इसी तरह आज की मेहनत भविष्य में सफलता का मजबूत वृक्ष बनाती है।
अरविन्द सिंह
व्यापारी/ समाजसेवी
कभी-कभी आपको हार का सामना करना पड़ेगा। यदि आप इसे स्वीकार नहीं कर सकते और इसे एक सबक के रूप में नहीं अपना सकते, तो आपको और भी अधिक हार का सामना करना पड़ सकता है। और अगर यह सब आपके नियंत्रण में नहीं है, तो इसके बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि खुद पर तरस खाने से आपकी स्थिति नहीं बदलेगी।
पंकज दीक्षित
अधिवक्ता/समाजसेवी
संगति इंसान की सोच, आदत और भविष्य पर गहरा प्रभाव डालती है। ऐसे मित्र बनाओ जो तुम्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। जो तुम्हारी गलतियों पर चुप न रहें, बल्कि सही रास्ता दिखाएँ। ऐसे लोगों से दूरी रखो जो तुम्हारे समय, आत्मविश्वास और लक्ष्य को कमजोर करते हैं। दोस्ती संख्या से नहीं, गुणवत्ता से मजबूत होती है। तुम जिन लोगों के साथ सबसे अधिक समय बिताते हो, उनके विचार तुम्हारे भीतर उतरते हैं। इसलिए संगति ऐसी चुनो जिससे तुम्हारा भविष्य बेहतर बने।
राम प्रकाश उत्तम
समाजसेवी
दुनिया तुम्हें तब तक नहीं पहचानती, जब तक तुम खुद को पहचानना शुरू नहीं करते। अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखो, लेकिन अपनी कमियों को स्वीकार करने का साहस भी रखो।आत्मविश्वास का अर्थ घमंड नहीं, बल्कि स्वयं पर भरोसा करना है। दूसरों से तुलना करने के बजाय कल के अपने रूप से बेहतर बनने की कोशिश करो। अपनी आवाज उठाओ, सवाल पूछो और सीखने में संकोच मत करो। छोटे लक्ष्य पूरे करके अपने आत्मविश्वास को मजबूत बनाओ। जिस युवा को स्वयं पर विश्वास होता है, वह कठिन परिस्थितियों में भी रास्ता खोज लेता है।
शशिकांत त्रिपाठी
व्यापारी/समाजसेवी
युवा अवस्था में स्वास्थ्य की उपेक्षा करके भविष्य को मजबूत नहीं बनाया जा सकता। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और संतुलित भोजन को अपनी आदत बनाओ। शरीर स्वस्थ होगा तो मन भी बेहतर तरीके से काम करेगा। बीमारी का इंतजार करने के बजाय स्वास्थ्य की देखभाल पहले से करो। खेलों को जीवन में स्थान दो और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत कम करो। मानसिक तनाव को दबाने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना सीखो। स्वस्थ युवा ही अपने सपनों के लिए लंबे समय तक ऊर्जा के साथ काम कर सकता है।
अनिल यादव
अध्यापक/समाजसेवी
हर समस्या पर शिकायत करना आसान है, समाधान खोजना कठिन। युवा कठिनाइयों को देखकर पीछे हटने के बजाय उन्हें समझने का प्रयास करे। अपने घर, मोहल्ले, गांव या शहर की किसी समस्या को पहचानो और उसके समाधान में योगदान दो। बदलाव हमेशा बड़े मंच से शुरू नहीं होता, छोटी पहल भी बड़ी मिसाल बन सकती है। दूसरों को दोष देने से बेहतर है कि अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाई जाए। समाज को केवल आलोचक नहीं, जिम्मेदार और सक्रिय नागरिक चाहिए। जिस दिन युवा समस्या का हिस्सा बनने के बजाय समाधान का हिस्सा बनेगा, बदलाव तेज होगा।
सुधांशु द्विवेदी
प्रबंधक/समाजसेवी
आज की दुनिया में केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं, उपयोगी कौशल भी जरूरी हैं। अपने क्षेत्र के साथ-साथ डिजिटल और व्यावहारिक कौशल सीखते रहो। लेखन, संचार, कंप्यूटर, तकनीक, प्रबंधन या कोई हुनर तुम्हारे अवसर बढ़ा सकता है। हर युवा को कम से कम एक ऐसा कौशल जरूर सीखना चाहिए जिससे वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। सीखने के लिए उम्र नहीं, इच्छा जरूरी है। हर दिन थोड़ा सीखने वाला व्यक्ति कुछ वर्षों में बहुत आगे निकल सकता है। अपने हुनर को पहचानो, उसे निखारो और उसे समाज के काम में लगाओ।